ब्यूरो,
प्रतीक यादव आज हमारे बीच नहीं है बहुत दुख है:अखिलेश यादव
वह नौजवान था बचपन से ही उसे स्वास्थ्य के प्रति अपने हेल्थ के प्रति व जीवन में आगे बढ़ना चाहता था.
वह बहुत अच्छा लड़का जो अपने मेहनत से कुछ करना चाहता था बहुत दुखद है, वह हमारे बीच नहीं रहा.
स्वाभाविक है कि जो कानूनी जो कानून कहता है जो परिवार के लोग कहेंगे उस हिसाब से हम लोग मानेंगे.
आज की तारीख तो मैं नहीं बदल सकता हूं.
कुछ दिन पहले मेरी मुलाकात हुई थी लगभग 2 महीने पहले, उसे समय भी मैं यही कहा था अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो अपने कारोबार को आगे बढ़ाओ. कभी-कभी फाइनेंशियल कारोबार में जो नुकसान होता है उसे कई बार आदमी बहुत टूट जाता है. वह हमारे बीच नहीं है परिवार जो कहेगा वह हम करेंगे.