ब्यूरो,
बिजली कनेक्शन और बिल संशोधन में धांधली की होगी जांच, टीम गठित
लखनऊ। राजधानी में बिजली कनेक्शन देने से लेकर बिल संशोधन के नाम हो रही धांधली को बेनकाब करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन एक दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाएगा।
कॉर्पोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने इसका आदेश जारी किया है। इसके लिए दो आईएएस प्रबंध निदेशकों और दो वरिष्ठ इंजीनियर निदेशकों को मैदान में उतारा गया है।
25 मार्च को जारी सर्कुलर के अनुसार, पूर्वांचल के एमडी शंभू कुमार अमौसी क्षेत्र और दक्षिणांचल के एमडी नितीश कुमार लखनऊ मध्य की कलेक्शन इकाइयों के एक-एक कनेक्शन का हिसाब मांगेंगे। वहीं, पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी जानकीपुरम और निदेशक (कॉर्पोरेट प्लानिंग) दीपक रायजादा गोमतीनगर जोन में जांच की कमान संभालेंगे।
10 तक सौंपनी होगी रिपोर्ट:
ये सभी अधिकारी अप्रैल के पहले हफ्ते में अपनी सुविधानुसार औचक निरीक्षण करेंगे और 10 अप्रैल तक जांच रिपोर्ट जमा करेंगे। इस दौरान जोनल मुख्य अभियंताओं को नए कनेक्शनों के आवेदनों, उनकी स्वीकृति और निरस्त किए गए मामलों का ब्योरा देना होगा।
उपभोक्ताओं से सीधे जुड़े जांच के प्रमुख बिंदु
निवेश मित्र और झटपट पोर्टल पर नए कनेक्शन के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा। देखा जाएगा कि तय समयसीमा में कनेक्शन दिए जा रहे हैं या नहीं। यदि आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं, तो उसके पीछे का कारण बिलों में सुधार, नाम परिवर्तन और पीडी की प्रक्रिया में हो रही देरी का विश्लेषण टोल-फ्री नंबर पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और नियमों का पालन ऑनलाइन आवेदन के बावजूद दोबारा मैन्युअल दस्तावेज मांगे जाने की शिकायतों की जांच निर्वाध आपूर्ति के लिए 11 केवी और 33 केवी लाइनों में ट्रिपिंग रोकने के इंतजामों की समीक्षा।