मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया चंदेरी इको रिट्रीट का शुभारंभ





सुमन बाजपेयी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चंदेरी इको रिट्रीट–2025 के तृतीय संस्करण का वर्चुअल शुभारंभ 28 नवंबर को किया गया। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा जिला प्रशासन एवं सनसेट डेजर्ट कैम्प के सहयोग से आयोजित चंदेरी इको रिट्रीट की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री, संचार एवं उत्तर–पूर्वी क्षेत्र विकास श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने की। चंदेरी इको रिट्रीट कटी घाटी के पास स्थापित टेंट सिटी तीन महीने से अधिक समय तक देश–विदेश के पर्यटकों के लिए खुली रहेगी।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री, संचार एवं उत्तर–पूर्वी क्षेत्र विकास श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि चंदेरी केवल एक भूगोल नहीं है, यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा का वह अध्याय है जिसमें गौरवशाली इतिहास, अद्भुत स्थापत्य और शताब्दियों पुरानी बुनाई परंपरा एक साथ सांस लेती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की लोकल फॉर वोकल और लोकल टू ग्लोबल की संकल्पना को चंदेरी ने साकार किया है। चंदेरी के किले, बावड़ियां, महल और ऐतिहासिक धरोहरें न केवल हमारे अतीत की समृद्धि का प्रमाण हैं, बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक वीरता और सौंदर्यबोध का जीवित साक्ष्य भी हैं। चंदेरी की साड़ी और यहां की हथकरघा परंपरा भारत की सबसे प्रतिष्ठित और विशिष्ट कलाओं में से एक है—इसकी पारदर्शी बुनावट, महीन ज़री-कढ़ाई और पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक तकनीकें आज भी दुनिया को आकर्षित करती हैं। यहां के बुनकरों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी कला को न केवल जीवित रखा बल्कि उसे वैश्विक पहचान दिलाई है।चंदेरी केवल स्मृतियों का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय शिल्प, परंपरा और सौंदर्यशास्त्र का जीवंत प्रतीक है। चंदेरी आने वाले समय में अपने इतिहास, अपने हैंडलूम और अपनी सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से विश्व मानचित्र पर और सशक्त पहचान बनाएगा।
इस अवसर पर फैशन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ साथ ही आलम बैंड ने अपने गीतों द्वारा समा बांधा।
चंदेरी की पारंपरिक बुनाई और अनूठी विरासत को समर्पित फैशन एवं संगीत समारोह — “थ्रेड्स का टाइम:द चंदेरी सागा। टेंट सिटी में शुभारंभ के बाद आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में चंदेरी वस्त्र की ऐतिहासिक और कलात्मक यात्रा को आधुनिक दृष्टि से प्रस्तुत किया गया।
चंदेरी इको रिट्रीट में पर्यटक रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। इसके साथ ही बघेलखंड और बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी पर्यटक चख सकेंगे। परिवार एवं बच्चों के लिए किड्स ज़ोन तथा इनडोर–आउटडोर गेम्स की भी व्यवस्था रहेगी।