ब्यूरो,

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अंसारी की जब्त जमीन पर बने फ्लैटों की चाबी आवंटियों को सौंपी
यूपी की राजधानी लखनऊ में आज सीएम योगी आदित्यनाथ ने आवंटियों को घर की चाबी सौंपी। माफिया मुख्तार अंसारी की जब्त की गई जमीन पर ये फ्लैट बनाए गए हैं। फ्लैटों की चाबी आवंटन कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आवासीय परिसर में वृक्षारोपण किया। 10 लाभार्थियों को सीएम योगी ने अपने हाथ से चाबी दी है। कुल 72 आवंटियों को चाबियां सौंपी गई हैं। मंत्री सुरेश खन्ना, दिनेश शर्मा कार्यक्रम में मौजूद रहे। आवंटन पत्र वितरण और सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना के उद्घाटन अवसर पर सीएम योगी ने जनसभा को भी संबोधित किया।
सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज कार्तिक पूर्णिमा पर मैं जरूरतमंदों को आवास आवंटियों को चाबी सौंप रहा हूं। सौभाग्य है कि लखनऊ में एक कुख्यात माफिया के अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीन पर बने मकानों के आवंटन के इस अवसर पर उपस्थित हूं। ये केवल एक कार्यक्रम नहीं है बल्कि संदेश है कि गरीब की, व्यापारी की, सार्वजनिक संपत्ति पर या सरकारी भूमि पर किसी माफिया ने या अपराधी ने कब्जा किया तो उसका यही हाल होगा जो यहां और प्रयागराज में किया गया है। जब माफिया से जमीन खाली होगी तो गरीबों का आशियाना बनेगा। ये माफियाओं को अपना शागिर्द बनाने वालों को संदेश है। उनको संदेश है जो माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ते हैं, जो माफिया को गले लगाकर गरीबों का शोषण करते और करवाते हैं। यूपी में अब नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि ये माफिया और पेशेवर अपराधी किसी के नहीं हैं। ये गरीब का शोषण करते हैं और सामान्य नागरिकों के लिए, बहन-बेटियों के लिए खतरा पैदा करते हैं। यूपी में सरकार बनाते ही पहले दिन तय किया था कि उत्तर प्रदेश की छवी बदलने के लिए माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करना होगा। माफिया के खिलाफ बिना रुके-बिना झुके कार्रवाई की है। जो अब भी माफिया के साथ सहानुभूति रख रहे हैं उनसे कहूंगा अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। जिस भाषा में जो समझता था उसे वैसे ही समझाया जा रहा है। पीएम के विजन के अनुरूप आवास मिल रहा है। 60 लाख गरीबों को एक-एक आवास मिला।
सीएम योगी ने कहा कि ये माफिया समर्थकों के लिए एक संदेश है कि राज्य अब गरीबों का शोषण करने वाली अवैध भूमि हड़पने की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आपराधिक तत्वों से भूमि वापस लेने और जरूरतमंदों को आवास प्रदान करने के एक दृढ़ प्रयास का प्रतीक है। यह सामाजिक न्याय, शहरी विकास और उन माफियाओं को खत्म करने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता है जिन्होंने लंबे समय से सरकार और लोगों की संपत्तियों पर कब्जा जमा रखा है।