अलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
यूपी वक़्फ़ बोर्ड द्वारा बनाए गए ज़िला कोऑर्डिनेटर
जौनपुर। उत्तर प्रदेश वक़्फ़ बोर्ड ने प्रदेश भर में वक़्फ़ संपत्तियों के डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। वक़्फ़ संपत्तियों की पारदर्शिता, सुरक्षा और सही प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब सभी संपत्तियों का विवरण UMEED Portal पर ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है!
इसी क्रम में मो. शोएब ख़ान (अच्छू साहब) को ज़िला कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान में शाही ईदगाह कमेटी के सचिव भी हैं। बोर्ड ने उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है कि जिले की सभी वक़्फ़ संपत्तियों , जिनमें मस्जिदें, मदरसे, क़ब्रिस्तान और अन्य वक़्फ़ परिसंपत्तियाँ शामिल हैं – के डिजिटल पंजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं!
ज़िला कोऑर्डिनेटर मो. शोएब ख़ान ने बताया कि सभी मुतवल्ली, सदर और सदस्यगण अपने-अपने वक़्फ़ संपत्तियों के दस्तावेज़ों के साथ उनसे संपर्क करें। वह पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
अगर किसी दस्तावेज़ में कोई कमी या त्रुटि होगी, तो उसके सुधार में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा ताकि किसी को कठिनाई न हो!
गौरतलब है कि पोर्टल पर वक्फ़ संपत्तियों के दस्तावेज़ अपलोड करने के लिए अब सिर्फ़ 60 दिन बचे हैं! सबमिट करने की आखिरी तिथि 5 दिसम्बर 2025 है!
वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 की धारा 3B के तहत मुतवल्ली द्वारा रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है,
अन्यथा धारा 61 के तहत 6 माह की सज़ा और ₹20,000 से ₹1,00,000 तक का जुर्माना हो सकता है।
निम्नलिखित इन दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी👇
वक़्फ़ संपत्तियों का विवरण UMEED Portal पर दर्ज कराने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ आवश्यक हैं —
1. आधार कार्ड (Adhar Card)
2. वोटर आईडी (Voter ID)
3. बैंक पासबुक (Bank Passbook)
4. वक़्फ़नामा (Waqfnama — यदि उपलब्ध हो)
5. ख़सरा / खतौनी (Khasra / Khatauni)
6. आवेदक का फोटो (Photo of Applicant)
7. वक़्फ़ संपत्ति की फ़ोटो (Waqf’s Photos)
8. राजपत्र सूचना (Gazette Notification — यदि प्रकाशित हो)
9. दफा 37 की नकल
10. मुतव्वली का सर्टिफिकेट
मो. शोएब ख़ान (अच्छू साहब) ने कहा कि…..
वक़्फ़ संपत्तियों का डिजिटलीकरण समय की ज़रूरत है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे। हमारा प्रयास है कि हर वक़्फ़ संपत्ति ऑनलाइन दर्ज होकर वक़्फ़ बोर्ड के आधिकारिक रिकॉर्ड में सम्मिलित हो!
उन्होंने आगे कहा कि सभी संबंधित ज़िम्मेदारान शीघ्रता से अपने दस्तावेज़ तैयार करें और ज़िला कोऑर्डिनेटर से संपर्क स्थापित करें, ताकि वक़्फ़ बोर्ड के इस डिजिटल मिशन को सफल बनाया जा सके।
( UMEED पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है)