ब्यूरो,
गाजा में पत्रकारों पर बढ़ता खतरा: नासेर अस्पताल हमले में पांच की मौत, अब तक करीब 200 समाचारकर्मी मारे गए
गाजा (इसराइल) । पत्रकारों के लिए हालात लगातार भयावह होते जा रहे हैं। 25 अगस्त को नासेर अस्पताल पर हुए हमले में पांच पत्रकारों की मौत के बाद गाजा में मारे गए समाचारकर्मियों की संख्या लगभग 200 तक पहुंच गई है। इस हमले में कुल 22 लोगों की जान गई, जिनमें 33 वर्षीय दृश्य पत्रकार मरीम डागा भी शामिल थीं, जो कई मीडिया आउटलेट्स के लिए फ्रीलांस काम करती थीं। दूसरी तरफ इसराइल के प्रवक्ता ने दावा किया है कि उसका हमला सिर्फ हमास पर है, क्योंकि उसने अभी भी हमारे 48 नागरिकों को बंधक बनाकर रखा है। जब तक सभी बांधों की रिहाई नहीं हो जाती तब तक युद्ध समाप्त होने की कोई संभावना नहीं है।
पत्रकारों और उनके समर्थनकर्ताओं का कहना है कि गाजा में पत्रकारिता करना अब जीवन-मृत्यु का सवाल बन गया है। मिस्र के पूर्व रिपोर्टर और अब शोधकर्ता मोहम्मद सालामा ने कहा, “गाजा के पत्रकारों के लिए यह मरने या जीवित रहने, हिंसा से बचने या न बचने का मामला है। इसे किसी अन्य युद्धकालीन पत्रकारिता से तुलना नहीं की जा सकती।” इस बीच, इस्राइली सेना की निगरानी में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को गाजा सिटी का दौरा कराया गया। यह वही क्षेत्र है जो हमास के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई का केंद्र बना हुआ है। पत्रकारों को करीब दो साल से जारी युद्ध में तबाह हुए इलाकों और हजारों फिलिस्तीनियों की मौत की स्थिति देखने का दुर्लभ मौका मिला। दौरान, सेना का एक वाहन खंडहरों से घिरी सड़कों से होकर गुजरा, जहां सैनिकों ने वीडियो कैमरे से पास के एक ध्वस्त भवन में खड़े लोगों को देखा। बाद में वाहन एक खाली पड़े अस्पताल के पास रुका, जिसे पहले जॉर्डन सरकार संचालित करती थी। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाल ही में इसी अस्पताल के पास हमास द्वारा इस्तेमाल की गई एक सुरंग का पता लगाया गया है।इस्राइली सेना का दावा है कि उनकी कार्रवाई नागरिकों को कम से कम नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है और यह हमास जैसे सशस्त्र संगठन को समाप्त करने के लिए आवश्यक है, जो अभी भी हमले करने में सक्षम है और 48 बंधकों को अपने कब्जे में रखे हुए है।