ब्यूरो,
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने लेह में हिंसा भड़काने के आरोपों को किया खारिज
लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गुरुवार को लेह में हिंसा भड़काने के आरोपों को खारिज किया है. वांगचुक ने कहा, ‘मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है. इससे हालात सुधरेंगे नहीं, बल्कि और बिगड़ेंगे.’
एफसीआरए मामले में वांगचुक ने कहा कि करीब 10 दिन पहले सीबीआई की टीम गृह मंत्रालय का आदेश लेकर उनके पास आई थी. इसमें कहा गया था कि उनकी दोनों संस्थाओं ने विदेशी चंदा लेने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली.
इस पर सोनम का कहना है कि उनकी संस्थाएं विदेशी चंदे पर निर्भर नहीं हैं. दोनों संस्थाएं जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा देती हैं. HIAL में तो छात्रों को प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए स्टाइपेंड भी दिया जाता है.
CBI जांच पर वांगचुक ने कहा –
CBI को केवल 2022 से 2024 तक के खातों की जांच करनी थी, लेकिन अब वे 2020 और 2021 के रिकॉर्ड भी देखने लगे हैं. यहां तक कि शिकायत से बाहर के स्कूलों से भी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं.
पहले स्थानीय पुलिस ने उन पर राजद्रोह का केस लगाया. एक पुरानी चार साल पहले की शिकायत भी दोबारा खोली गई है, जिसमें मजदूरों को वेतन न देने का आरोप था.
सरकार ने HIAL को दी गई जमीन का पट्टा यह कहकर रद्द कर दिया कि लीज की रकम जमा नहीं की गई, जबकि उनके पास दस्तावेज हैं कि सरकार ने ही फीस न लेने की बात कही थी.
आयकर विभाग से भी नोटिस आया और अब सीबीआई जांच चल रही है। लद्दाख में तो टैक्स ही नहीं है, फिर भी मैं स्वेच्छा से टैक्स देता हूं। इसके बावजूद नोटिस भेजे जा रहे हैं…