कोमल खत्री स्मृति स्केटिंग प्रतियोगिता
सुमन बाजपेयी




अंतरराष्ट्रीय स्केटर मास्टर कोमल खत्री की याद में उनके जन्मदिवस के अवसर पर 13 सितंबर को स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन नई दिल्ली के बवाना स्थित कोमल खत्री रिंक (राजीव गांधी स्टेडियम) में किया गया। पांच वर्ष की आयु में एक स्केटर की तरह अपना कैरियर शुरू करने वाला कोमल खत्री दुनिया के लिए एक मिसाल है। ग्यारह वर्ष की अल्प आयु में संसार को विदा कहने वाला कोमल पढ़ाई में होनहार होने के साथ स्केटिंग चैंपियन भी था। उसने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया था और 100 से ज्यादा पदक हासिल किए थे।
इस अवसर पर लगभग 300 बाल खिलाड़ियों ने भाग लियाI जिन्हें कोमल स्पोर्ट्स फाउंडेशन के द्वारा ट्रॉफी और मेडल से सम्मानित किया गया! कोमल स्पोर्ट्स फाउंडेशन के संरक्षक पद्मभूषण कुश्ती के सरताज महाबली सतपाल ने इस अवसर पर कहा की 11 वर्ष की कम उम्र में इस चुनौतीपूर्ण खेल में कोमल ने न सिर्फ अपनी पहचान बनाई, बल्कि देश और विदेश में आयोजित चैंपियनशिप में भाग लेकर अपने प्रतिभा के बल पर भारत का नाम रोशन किया I
भारत देश के इस रोलर स्केटिंग के चमकते सितारे को 30 सितंबर 2004 को ईश्वर ने बहुत ही कम समय में अपने पास बुला लिया लेकिन उसकी याद को हजारों बच्चों में कोमल खत्री को जिंदा कैसे रखा जाए यह उनके पिता कर्मवीर खत्री से सीखना चाहिए जो कि समाज के लिए प्रेरणा है! उनके पिता ने कोमल स्पोर्ट्स फाउंडेशन की स्थापना की और कोमल स्पोर्ट्स फाउंडेशन ने मास्टर कोमल खत्री की याद में राजीव गांधी स्टेडियम बवाना में कोमल स्केटिंग रिंक निजी सहयोग से बनवाया। इस समय दिल्ली में यह एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्केटिंग रिंक है! मास्टर कोमल खत्री की याद में बने इस रिंक पर आज सैकड़ों बच्चे स्केटिंग का अभ्यास करते हैं और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पुरस्कार प्राप्त करते हैं! कोमल खत्री के जन्म दिवस पर यह प्रतियोगिता प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है नन्हे कोमल की मासूमियत भरी मुस्कान और प्रतिभा हमेशा सबके दिल में जिंदा रहेगीI
मास्टर कोमल खत्री की मौसी निर्मला चहल जो बीजीपी की कार्यकर्ता भी हैं और जिनके प्रयासों से यह आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ, उन्होंने बताया कि दिल्ली के बच्चों को स्केटिंग सीखने के लिए भटकना न पड़े, इसलिए इसका निर्माण करवाया गया। हमें कोमल को स्केटिंग सीखने के लिए सुबह चार बजे फरीदाबाद ले जाना पड़ता था। लेकिन उस छोटे बच्चे में स्केटिंग सीखने का इतना जज्बा था, कि वह सुबह चार बजे ही उठ जाता था। आने-जाने में परेशानी होती ही था, इसलिए यही सोचकर कि बाकी बच्चों को दिक्कतें न उठनी पड़ें, उसकी याद में इस स्केटिंग रिंक का निर्माण करवाया गया है। जब इस रिंक पर बच्चे स्केटिंग सीखते हैं तो हमें लगता है कि कोमल भी उन्हीं में कहीं है।
इस प्रतियोगिता में तेज धूप के बावजूद बच्चों का जोश देखते ही बनता था। 150 बच्चों को मेडल प्रदान किए गए। इस अवसर पर महाबली सतपाल के अतिरिक्त नेता सदन प्रवेश वाही, दिल्ली विधानसभा में बवाना विधानसभा से विधायक मंत्री, रविन्द्र इन्द्राज सिंह, जिला अध्यक्ष विनोद सहरावत, दीपक डबास और अंजू अमन भी उपस्थित थे।