वीर विट्ठलभाई पटेल गौरव गाथा प्रदर्शनी का आयोजन

वीर विट्ठलभाई पटेल गौरव गाथा प्रदर्शनी का आयोजन

सुमन बाजपेयी

24 और 25 अगस्त 2025 को दिल्ली विधानसभा में आयोजित की की गई ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान वीर विट्ठलभाई पटेल गौरव गाथा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में सन् 1912 में दिल्ली के देश की राजधानी घोषित होने के बाद स्थापित की गई केंद्रीय विधानसभा और उसके महत्व को प्रदर्शित किया गया है।
24 अगस्त 1925 को सरदार वल्लभ भाई पटेल के बड़े भाई, वीर विट्ठलभाई झावेरी भाई पटेल को ब्रिटिश काल में केंद्रीय विधानसभा का पहला निर्वाचित भारतीय अध्यक्ष घोषित किया गया था। विट्ठलभाई पटेल अप्रैल 1930 तक केंद्रीय विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में रहे. 1930 में अपने पद से इस्तीफा देने के बाद वह पूरी तरह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में जुट गए।
यह प्रदर्शनी विट्ठलभाई पटेल के ऐतिहासिक निर्वाचन के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है। प्रदर्शनी 31 अगस्त तक नागरिकों, स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए खुली रहेगी। यह प्रदर्शनी ऐतिहासिक घटनाओं और उनके महत्व से परिचित कराती है। इस प्रदर्शनी का प्रारूप तैयार करने का श्रेय जाता है, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र गुप्ता को। उन्होंने कहा, “ वीर विट्ठलभाई पटेल जी ने जिस तरह से सदन की गरिमा को बढ़ाने के लिए काम किया उस पर एक कंपलीट रिसर्च दिल्ली विधानसभा करने जा रही है। उस रिसर्च वर्क को लोगों के बीच प्रस्तुत किया जाएगा और देश की संसदीय व्यवस्था जहां-जहां भी है वहां उस रिसर्च वर्क को पहुंचाया जाएगा, जिससे कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत और सुदृढ़ किया जा सके। यह विधानसभा एक पूरा इतिहास अपने में समेटे है और अविभाजित भारत का एक हिस्सा है।”
देश की आजादी से पहले से लेकर विट्ठलभाई पटेल के बाद जितने भी लोकसभा के अध्यक्ष रहे हैं उन सभी के बारे में भी प्रदर्शनी में उनके नाम फोटो और कार्यकाल के बारे में इसमें बताया गया है। इसके अलावा दिल्ली विधानसभा के इतिहास के बारे में भी प्रदर्शनी में बताया गया है। 1952 में दिल्ली में पहले विधानसभा की गठन के बाद 1957 में भंग होने 1966 मेट्रोपॉलिटन काउंसिल अब फिर से 1993 में दिल्ली विधानसभा का गठन होने से लेकर जितने भी दिल्ली के विधानसभा अध्यक्ष रहे, उनके कार्यकाल में जो मुख्यमंत्री रहे उनके बारे में भी प्रदर्शनी में देखा जा सकता है।
प्रदर्शनी में विट्ठलभाई पटेल और महात्मा गांधी के बीच हुए पत्राचार को भी दर्शाया गया है। साथ ही 24 अगस्त विट्ठलभाई पर रीलीज किए गए डाक टिकट की फोटो को भी देखा जा सकता है। इस डाक टिकट को गृहमंत्री अमित शाह ने जारी किया।
इस प्रदर्शनी में दुर्लभ अभिलेखीय दस्तावेज, ऐतिहासिक तस्वीरें और बहुमूल्य कलाकृतियां भी प्रदर्शित हैं जो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा की भावना को जीवंत करती हैं। प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण हैं पटेल के चुनावी दस्तावेज, व्यक्तिगत पत्र और भाषण; दुर्लभ फुटेज: महात्मा गांधी की 1930 की जनसभा पर 10 मिनट का एक वृत्तचित्र; शहीद भगत सिंह की विरासत: मूल दस्तावेज़, जिनमें उनका मृत्युदंड और प्रमाण पत्र शामिल हैं, और महिलाओं के मताधिकार और श्रम सुधारों से संबंधित बहसों पर आधारित फोटो।

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