मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का न्यायिक सेवा संघ के 42वे सम्मेलन में पहुंचे दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ

 

ब्यूरो,

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का न्यायिक सेवा संघ के 42वे सम्मेलन में पहुंचे

दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ

 4500 प्रति न्यायाधीश के पास मामले लंबित है – अध्यक्ष

यूपी में 10 लाख जनता पर 10 न्यायाधीश है – अध्यक्ष

प्रत्येक न्यायाधीश ने 2350 केस निस्तारित किए है अध्यक्ष

यूपी सबसे ज्यादा केस निस्तारण करने वाला राज्य है – अध्यक्ष

उच्च न्यायालय में 163 न्यायाधीश होने चाहिए 83 कार्यरत है – अध्यक्ष

2005 के बाद न्यायिक अधिकारी बनने वालो को मिले पुरानी पेंशन – अध्यक्ष

महिला न्यायिक अधिकारियों को विशेष सुरक्षा प्रदान करने की मांग – अध्यक्ष

भीषण गर्मी में हमारे न्यायिक अधिकारी कूलर में काम करते है – अध्यक्ष

हमारे न्यायिक अधिकारियों को एयरकंडीशन की व्यवस्था कराई जाए – अध्यक्ष

सीएम योगी आदित्यनाथ का संबोधन.

लखनऊ. 42 वे अधिवेशन के अवसर पर राजधानी में आपकी गरिमामई उपस्थित उत्साह के साथ हृदय से स्वागत अभिनन्दन करता है.

मेरे लिए यह अवसर महत्वपूर्ण है.

2018 के अधिवेशन में मुझे आने का अवसर प्राप्त हुआ था.

मुझे प्रसन्नता की अनुभूति हुई थी.

किसी भी संस्था के निर्णायक भूमिका निभाती है.

संविधान के लागू होने के अमृत महोत्सव में हम सबने प्रवेश किया.

वर्ष भर में संविधान के प्रति वचन वृद्धता के आयोजन हो रहे है.

जो थीम है न्याय है यह अधिवेशन हमें महाकुंभ का दिव्य दर्शन कराता है.

प्रयागराज में हमारी मुख्यपीठ भी स्थित है.

102 में यूपी ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है.

न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारी यहां उपस्थित है.

न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारियों की एकता सेवा का उदाहरण दिखता है.

मै इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देता हूं.

देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय हमारे प्रदेश में स्थित है.

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीश उपस्थित है.

यह यूपी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.

किसी भी राज्य के परसेप्शन के लिए न्याय पालिका की बड़ी भूमिका होती है.

आजादी के शताब्दी के अवसर पर प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत से जोड़ा था.

विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश.

विकसित उत्तर प्रदेश का विकसित जनपद.

यह समग्रता सबकी खुशहाली का कारण बनेगा.

इसके लिए सुद्रण न्यायिक व्यवस्था से होगा.

न्याय सुगम व न्याय त्वरित बनाना पड़ेगा.

इस विषय में बहुत प्रयास हुए है.

कैसे एक वर्ष में 2024 में जनपद ट्रायल कोर्ट में 72 लाख मामलों का निस्तारण हुआ.

आज भी 1 करोड़ 15 लाख से ज्यादा मामले लंबित पड़े है.

ज्यादा से ज्यादा मामले निस्तारित हुए है.

इसका परिणाम आज प्रदेश में दिख रहा है.

सरकार भी न्यायिक व्यवस्था को सुगम सुद्रण बनाने में सहयोग करेंगे.

तीन नए कानून 1जुलाई 2024 को लागू हुए.

नए कानून लागू होने में कठिनाई होगी.

न्यायिक अधिकारियों ने इसको लागू किया.

3 नए कानून दंड पर आधारित नहीं न्यायबोर आधारित है.

यह लोकतंत्र को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होने जा रहे है.

यूपी सरकार प्रतिबद्ध है न्याय पालिका के कार्यों के सस्ती सुगम उपलब्ध कराने के निर्णायक भूमिका करने वाला है.

सरकार ने हर स्तर पर प्रयास किया है.

2024,25 में प्रयागराज में न्यायधीशों के आवास के निर्माण के लिए स्वीकृत दी है.

लखनऊ में आवास के लिए 117 करोड़ रु की वित्तीय स्वीकृति दिला चुके है.

प्रयागराज के भवन के रखरखाव के लिए 44 करोड़ 91 लाख रु राज्य सरकार जारी कर चुकी है.

न्यायालय के इन्फ्रास्ट्रक्चर के बारे में नई व्यवस्था आगे बढ़ाई है.

जनपद न्यायालय मोटर एक्सीडेंट से जुड़े ट्रिब्यूनल न्यायालय के लिए अच्छा कॉम्प्लेक्स उपलब्ध करा सके.

10 जनपदों में हमने व्यवस्था की शुरुवात की है.

केंद्र सरकार के द्वारा आवासीय व कोर्ट रूम के लिए 2024,25 2025,26 में 148 करोड़ 239 करोड़ 2025,26 39 करोड़ जारी कर चुकी है.

यूपी में न्यायिक अधिकारियों के वेतन भत्तों 1092 करोड़ रु की स्वीकृति दी है.

न्यायिक अधिकारियों के लिए 54 करोड़ रु स्वीकृति हुई है.

14.92 करोड़ रु की लागत से स्पोर्ट कॉम्पलेक्स बनाया जा रहा है.

ऑडोटोरियम के लिए 2.36 करोड़ स्वीकृति की जा चुकी है.

प्रदेश के अंदर रखरखाव के लिए 81 करोड़ की राशि स्वीकृति की जा चुकी है.

डॉ राजेंद्र करोड़ विधि विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 387 करोड़ रु दिए जा चुके है.

आने वाले समय में न्यायालयों में आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल कर सके.

डाटा वेस एएआई का इस्तेमाल कर सके राज्य सरकार इसके लिए काम कर रही है.

न्यायिक व्यवस्था में डिजिटल व्यवस्था के लिए काम कर रही है.

ई फॉरेंसिक के लिए सरकार काम कर रही है.

न्याय पालिका के साथ मिलकर सरकार हर प्रकार सहयोग

करने के लिए तैयार है.

जो बाते रखी गई वह बहुत पहले हो जानी चाहिए.

सुरक्षा के लिए 50 करोड़ रु का फंड उपलब्ध कराने की घोषणा करता हूं.

न्यायालय में जो मामले लंबित है.

1 वर्ष में जितने मामले खत्म हुए है.

वह बहुत अच्छा आंकड़ा है एक दिन में एक अधिकारी ने 10 मामले समाप्त किए है.

जनपदीय न्यायालय के लिए राइटर के लिए व्यवस्था होगी.

सभागार में कार्यक्रम में लोग आनंद के साथ सुन रहे है.

न्यायिक अधिकारी कूलिंग में रहेगा तो और अच्छा होगा.

मै एक दिन किसी काम से जनपद न्यायालय में गया वहां बहुत गर्मी थी.

वहां से आने के बाद मुख्य सचिव से बात की थी.

मै आज घोषणा करता हूं न्यायालय को वातानुकूलित करने का काम सरकार करेगी.

सुरक्षा के मामले में आपसे प्रस्ताव लेकर इस मामले को आगे बढ़ाएगी.

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