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राय उमा नाथ बाली प्रेक्षागृह का हुआ पुनः उद्घाटन
संस्कृति कार्य राजयमंत्री जयवीर सिंह ने उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को किया सम्बोधित
लखनऊ . महान स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले स्व0 राय उमानाथ बली की स्मृति में बाना प्रेक्षाग्रह का पुन: उदघाटन प्रदेश के संस्कृति कार्य राज्य मंत्री जय वीर सिंह के करकमलों द्वारा किया गया. इस अवसर पर मंच पर उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को संबोधित किया, उन्होंने कहा कि प्रेक्षा गृह के पुनः आरम्भ के साक्षी बन रहे हैं. यह अत्यंत हर्ष व गौरव का अवसर है. अपने संबोधन में उन्होंने कहा यह एक ईंट पत्थर का भवन ही नहीं बल्कि प्रदेश की संस्कृतक चेतना, कलात्मक आत्मा और परम्पराओं की जीवंत अभिव्यक्ति है. मैं महान स्वंत्रता सेनानी शिक्षाविद और समाजसेवी सव0 राय उमानाथ बली जी को सादर नमन करता हूँ.
इन्होने भारतीय स्वंत्रता आन्दोलन में सिर्फ भाग ही नहीं लिया , बल्कि भातखंडे विश्वविद्यालय की स्थापना एवं संगीत को समाज से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई.
यह प्रेक्षाग्रह प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है. बीते दशकों में इस मंच ने न जाने कितनी कलात्मक प्रस्तुतियों, नाट्य प्रदर्शनों
शास्त्रीय संगीत और नृत्य की गूँज को आत्मसात किया. यह प्रेक्षाग्रह अनेक पीढ़ियों को संस्कृतक अभिव्यक्ति का सशक्त मंच प्रदान करता रहा है.
इस प्रेक्षागृह का शुभारम्भ केवल भौतिक नवीनीकरण नहीं है, बल्कि जिवंत संस्कृतक विरासत का पुनः संचार है. इस मंच पर पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज जैसे महान कलाकारों ने अपनी साधना को जनता के प्रस्तुत किया. वहीं रामलीला, यहूदी की लड़की, मेरे भाई का दोस्त जैसे कालजयी नाटकों ने दर्शकों को भावनाओं के समंदर में डुबोया. यह प्रेक्षाग्रह एक ऐसा तीर्थ है जहाँ कलाकार अपनी आत्मा का संवाद करते हैं. मुझे गर्व है कि प्रदेश सरकार व संस्कृति विभाग ने इस ऐतिहासिक प्रेक्षाग्रह के संरक्षण व नवीनीकरण हेतु संवेदनशीलता और दूर दृष्टि कापरिचय दिया.मैं इस अवसर पर यहाँ उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को शुभकामनायें और साधुवाद देता हूँ. जयहिंद, जय उत्तरप्रदेश