योगी सरकार के निशाने पर एक बार फिर शहरों में चल रहे स्लाटर हाउस, तैयार हो रही जन्मकुंडली

ब्यूरो,

यूपी में सीएम की कुर्सी संभालने के साथ ही स्लाटर हाउसों पर शिकंजा कसने वाले योगी आदित्यनाथ के निशाने पर एक बार फिर शहरों में नियमों को ताक पर रखकर स्लाटर हाउस चलाने वाले लोग हैं। प्रदेश भर के शहरों में चलने वाले स्लाटर हाउस की एक बार फिर से जन्मकुंडली तैयार कराई जा रही है। इसका मकसद गड़बड़ी करने वालों को मौके पर रंगे हाथों पकड़ा जाना है।

राज्य सरकार जानवरों के प्रति क्रूरता रोकने को लेकर गंभीर है। इसको लेकर लेखा परीक्षा पशुवधशाला और चमड़ा उद्योगों से जुड़ी सभी जानकारियां एकत्र करा रहा है। इसके आधार पर अपर निदेशक पशु डा. एमए अंसारी ने प्रदेश भर के निकायों से विस्तृत सूचना मांगी है। इस सूचना के आधार पर हकीकत को परखा जाएगा और गड़बड़ी पर कार्रवाई की जाएगी।

निकायों से पिछले पांच सालों का ब्योरा नए सिरे मांगा गया है। इसमें पूछा गया है कि शहरों में स्थापित पशुवधशालाओं की संख्या कितनी है, इनको स्थापित किए जाने पर कितना खर्च किया गया, चल रहे पशुवधशालाओं की मौजूदा संख्या, बंद होने वालों की संख्या और न चलने की वजह भी पूछी गई है। इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि कितने पशुवधशालाओं को उच्चीकृत किया गया है। बंद पशुवधशालाओं को पुन: शुरू करने को लेकर अगर कोई कार्रवाई शुरू की गई है, तो इसकी भी जानकारी मांगी गई है।

निकायों से इसके साथ ही पशुवधशालाओं को दिए गए लाइसेंस, इससे मिलने वाले शुल्क, चमड़ा संस्थान चलाने वालों को दिया गया लाइसेंस और उनसे मिलने वाले शुल्क के बारे में जानकारी मांगी गई है। अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारियां भी मांगी गई है।

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