PM मोदी के मंत्रिमंडल विस्‍तार में बिहार को भी मिलेगी जगह – जानिए रेस में कौन-कौन चेहरे? क्‍या है चिराग का भविष्‍य?

आगामी मानसून सत्र मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्‍तार कर सकते हैं। इसमें बिहार एनडीए को भी प्रतिनिधित्‍व मिलना तय माना जा रहा है। इसके लिए कई नामों की चर्चा हो रही है। तमाम संभावनाओं पर आइए डालते हैं नजर।

पटना। लोकसभा के मानसूत्र सत्र के दौरान केंद्र के नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल व विस्तार की संभावनाओं के बीच बिहार से इसके दावेदारों को लेकर अटकलें भी लगाई जा रही हैं। जनता दल यूनाइटेड ने मंत्रिमंडल में शामिल होने की इच्‍छा जताई है। सरकार गठन के समय मंत्रिमंडल में केवल एक सीट के ऑफर के कारण जेडीयू ने इससे इनकार कर दिया था। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी को इस बार अधिक सीटें मिल सकतीं हैं। मंत्रिमंडल विस्‍तार में बिहार से भारतीय जनता पार्टी (BJP) से भी कुछ नाम चर्चा में हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि तकनीकी दृष्टि से केंद्र की राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी का क्‍या होगा? क्‍या एलजेपी सुप्रीमो चिराग पासवानको पिता रामविलास पासवान के निधन से खाली हुई सीट पर समायोजित किया जाएगा?

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान मांगा है। जेडीयू बिहार की राजनीति को नई हवा मिल गई है। जदयू किसे केंद्रीय मंत्रिमंडल में भेजना चाहता है, यह स्‍पष्‍ट नहीं है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि कम-से-कम दो सांसद तो मंत्री बनाए ही जाएंगे। ऐसा इसलिए कि मंत्रीमंडल के गठन के वक्‍त जब जेडीयू ने एक सीट का प्रस्‍ताव अस्‍वीकार करते हुए सरकार को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया था।

चर्चा है कि जेडीयू को एक से अधिक सीटों का ऑफर मिला है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार पार्टी दो कैबिनेट और एक राज्यमंत्री के सीट की मांग कर रही है। इसके जरिए वह सवर्ण के साथ लव-कुश समीकरण को साधने की कोशिश कर सकता है। पिछली बार कैबिनेट विस्तार के समय जेडीयू से आरसीपी सिंह को मंत्री बनने की चर्चा थी। इस बार जेडीयू से आरसीपी सिंह के साथ-साथ ललन सिंह व संतोष कुशवाहा के नाम की चर्चा है। है। माना जा रहा है कि आरसीपी सिंह व संतोष कुशवाहा के माध्‍यम से लव-कुश समीकरण तो ललन सिंह के जरिए सवर्ण, खासकर भूमिहार वोटों को साधने की कोशिश की जाएगी।

मंत्रिमंडल विस्‍तार को लेकर बिहार बीजेपी में भी हलचल है। वर्तमान मंत्रियों के आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उपयोगिता की समीक्षा की जा रही है। बीजेपी के किसी एक नए चेहरे को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। फिलहाल उपमुख्‍यमंत्री रह चुके सुशील कुमार मोदी (तथा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल के नाम की चर्चा है। सुशील मोदी को बिहार की राजनीति से हटाकर केंद्र में शिफ्ट किए जाने के वक्‍त से ही चर्चा होती रही है कि उन्‍हें केंद्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। डॉ. संजय जायसवाल को बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन कर इनाम मिल सकता है। अगर डॉ. संजय जायसवाल केंद्र सरकार में गए तो बिहार बजेपी अध्‍यक्ष का बदलाव भी तय हो जाएगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल रामविलास पासवानके निधन के बाद वह सीट भी खाली है। उम्मीद की जा रही है कि मंत्रिमंडल विस्तार के समय यह सीट भरी जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि एलजेपी से किसी को मं‍त्री बनरया जाता है या नहीं। बिहार विधानसभा चुनावमें एलजेपी सुप्रीमो चिराग पासवान के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने के कारण इस सीट को एलजेपी को दिए जाने की संभावना तो दिखती है। हालांकि, यह भी तथ्‍य है कि एलजेपी अभी भी केंद्र में एनडीए का हिस्‍सा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *